C++ In Hindi | Information | Development | Features | Guide

आपकी दिनचर्या में आपने C ++ का नाम तो जरुर सुना ही होगा यह सबसे ज्यादा प्रचलित प्रोग्रामिंग भाषा है इसका उपयोग सिस्टिम सॉफ्टवेर प्रोग्रामिंग में किया जाता है इसकी तुलना जावा जैसी लोकप्रिय प्रोग्रामिंग भाषा से किया जाता है व इसका उपयोग गेम, सॉफ्टवेर, ब्राउज़र तथा ऑपरेटिंग सिस्टम  के विकास में किया जाता है |CPU के गहन अध्यन तथा हार्डवेयर को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है 


C++ in Hindi



C ++ की जानकारी - 

C ++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को 1980 में बनाया गया था | C ++ प्रोग्राम के चार अनुभाग होते है ये अलग - अलग फाइल्स में भी रखे जा सकते है  इन्हें अलग व साथ में भी रखा जा सकता है आपने C ++ का सरल प्रोग्राम जरुर देखा होगा जिसे  "Hello World" के नाम से जाना जाता है इस प्रोग्राम को बनाने में आसन कोड का उपयोग किया जाता है | इस प्रोग्राम में आउट प्रिंट स्क्रीन पर Hello World प्रिंट होता है  इस सरल प्रोग्राम की कोडिंग निचे दी गयी है -


#include<iostream>     //include header file 
using namespace std;
int main()
{
         count<<"Hello World - Learn C ++  Programming Free Visit : vishalbhardwaj.com";   //print "Hello World - Learn C ++  Programming Free Visit : vishalbhardwaj.com"
return 0;
}

C ++ की विशेषताए -

C ++ प्रोग्राम भी फंक्शनस का संग्रह है |

एक प्रोग्राम में main() फंक्शन अनिवार्य है |

इसे "दा न्यू C" भी कहा जाता है 

इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज़ में 35 से अधिक ऑपरेटर है  |

यह Intermediate language है  |

C ++ के प्रोग्राम्स Simple english language में लिखे जाते है इसे समझना आसन भी होता है |

यह polymorphism, inheritance, encapsulation, abstraction के कांसेप्ट को फॉलो करती है |


C++ Development का एक परिचय - 

C++ Development


C++ में किसी भी प्रोग्राम को develop करने से पहले आपको एक योजना बनानी होती है इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते है " आप एक ऐसा प्रोग्राम develop कर रहे है जोकि कुछ फाइल्स से Stocks के दाम को  पढता है और stock के भाव बढ़ेंगे या घटेंगे इसका पता लगता है


अपने प्रोग्राम की योजना बनाने के बाद प्रोग्राम को सोल्व किया जाता है और इसके लिए प्रोग्रामर कई तरह के सॉफ्टवेर का उपयोग करते है व अक्सर उन्हें जैसे ही आईडिया आता है वे कोडिंग लिखना शुरू कर देते है इस तरह की coding में solution अच्छा नही मिलता है |

अच्छे Solution में प्रत्येक भाग को अलग - अलग डिजाईन किया जाता है | इन्हें मजबूती से बनाया जाता है किसी भी गड़बड़ी में ये बहुत उपयोगी error messages देते है | या गड़बड़ी को खुद ही सुधार लेते है |अच्छी कोडिंग न होने पर प्रोग्राम Bugs देने लगता है |

अधिकतर प्रोग्रम्मेर्स का कुछ समय कोडिंग में लगता है व ज्यादातर समय अपनी गलतियों को सुधारने में लग जाता है या फिर नए फीचर को जोड़नेमें लग जाता है |

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