दुर्घटना होने पर अपने डॉग को क्या प्राथमिक उपचार दें

दुर्घटना होने पर अपने डॉग को क्या प्राथमिक उपचार दें    
first aid for a accidental dog





हर डॉग का मालिक चाहता है की उसका डॉग हमेशा सेहतमंद रहे |इसके लिए उसे अच्छी खुराक नियमित व्यायाम और वेक्सिनेशन आदि का पूरा  ध्यान रखता है |
 परन्तु कभी कभी दुर्भाग्यवश किसी दुर्घटना से ग्रस्त हो जाता है और उसकी हालत इतनी गंभीर हो जाती है की उसे  ट्रीटमेंट मिलना बहुत जरूरी होता है |लेकिन तुरंत होने बाली घटना में हर समय यह सुविधा मिलना संभव नहीं हो पाता  है इसे में डॉग की जान पर ख़तरा बढ़ जाता है  | 
इसके लिए डॉग को चिकित्सक तक ले जाने से पूर्व उसे प्राथमिक चिकित्सा first aid  देना जरूरी है ताकि उसकी जान बच  सके |





सड़क दुर्घटना road accident 

कार स्कूटर या अन्य किसी वाहन से एक्सिडेंट होने पर यदि जल्दी से डॉग को इलाज नहीं मिले तो उसकी मौत भी हो सकती है |ऐसे समय में डॉग को बाहरी चोट जैसे कटना  त्वचा का रगड़ से छिलना के अलावा ब्लीडिंग फ्रेक्चर तथा बड़ा घाव भी हो सकता है |इससे डॉग शॉक में भी आ जाता है |
यदि आप इसे पकड़ने या उठाने की कोशिश करेंगे तो शॉक के कारण अचानक आपको काट भी सकता है |इसके लिए सबसे पहले अपने रूमाल टाई या पट्टी से उसका मुंह बाँधना चाहिए |डॉग को किसी कम्बल टावल या चादर स्ट्रेचर की भाँती डालकर गाडी में रखे |और हॉस्पिटल ले जाए |

यदि डॉग के किसी घाव या खरोच से हलकी ब्लीडिंग हो रही हो तो उसे दबाकर रोक दे या पट्टी बाँध दे |यदि ब्लीडिंग तेज हो तो उसके ऊपर वाले भाग पर रूमाल या डोरी से बाँध दे |बांधे गए डोरी या रूमाल को आधे घंटे से अधिक ना रहने दे बरना नीचे बाले भाग की ब्लड सप्लाई बंद हो जाएगी | जिससे गेंग्रीन हो सकता है |
यदि डॉग बेहोश या कोमा में है तो डॉग को लिटाकर अपने दोनों हाथो की हथेलियों से पसलियों बाले भाग को दबा कर सांस दें |
यदि डॉग की नाक से ब्लड आ रहा हो तो डॉग को ठंडी जह ले जाए | सिर पर वर्फ का टुकडा रखें या कुछ देर ठंडा पानी डालें  |फिर भी ब्लीडिंग ना रुके तो डॉक्टर के पास ले जाए |

जलना  burn

 कभी कभी डॉग पर  आग की चपेट में आने से या तेज केमिकल एसिड या गर्म पानी गिरने से उसका शरीर जल जाता है | 
बर्न तीन प्रकार का होता है |फर्स्ट डिग्री बर्न हल्का होता ह जिसमे स्किन की ऊपर की परत जल कर लाल हो जाती है |
सेकण्ड डिग्री बर्न में थोड़ी अधिक गंभीर स्थिति हो जाती है |इसमें स्किन की एपिडर्मिस व् डर्मिस को नुक्सान पहुचता है |
जबकि थर्ड डिग्री बर्न काफी गंभीर अवस्था होती है इसमे स्किन की परतों के साथ साथ टिश्यु भी जल जाते है इसमें शरीर का काफी भाग जल जाता है और इसमें डॉग के बचने की संभावना भी नहीं रहती है |इसमें खुली स्किन पर इन्फेक्शन भी हो जाता है बर्न में डिहाइड्रेशन भी हो जाता है  दर्द कम करने के लिए अनल्जेसिक दावा दी जा सकती है और जल्द ही डॉक्टर के पास ले जाए |


हीट स्ट्रोक  HEAT STROKE

यह रोग गर्मी के मौसम में अधिकतर धुप में घूमने वाले डॉग्स में होता है | वातावरण में तेज गर्मी  शरीर में पानी की कमी DIHYDRATION
 बंद कमरे की गर्मी मोटापा और अधिक गर्मी सहन न कर पाने के कारण होता है |इसमें डॉग तेजी से हांफता है उसको सांस लेने में बड़ी कठनाई होती है |अधिक मात्र में लार गिरती रहती है और कभी कभी डॉग बेहोश भी हो जाता है |
इसे समय में डॉग को पंखे या कूलर के ठंडे हवादार कमरे में ले जाए  | और बर्फ या ठन्डे पानी से शारीर को बार बार ठंडा करें |बर्फ का टुकडा सारे शारीर पर घुमाए  | 
 यदि इन सबसे भी आराम नहीं मिले तो तुरंत  डॉक्टर के पास ले जाए |

पोयजनिंग POISONING



 डॉग में अन्य पशुओ की अपेक्षा POISONINGकी सम्भावनाये कम ही होती है क्योकि डॉग में सलेक्टिव फीडिंग की आदत होती है |मुंह में जलन करने वाली  चुभने वाली  कडवी तथा अन्य अखाद्ध चीजे मुंह में आते ही डॉग डॉग तुरंत बाहर फेंक देता है |लेकिन इसके बाद भी कभी कभी तेज जहरीला पदार्थ कुछ मात्रा में चाट लेने से डॉग बार बार उलटी करने लगता है | और काफी मात्रा में लार गिराने लगता है |

यदि आपको पता लग जाए की डॉग ने कोई जहरीली चीज खाई है तो उसे नमक का पानी पिलाए जिससे उसे उल्टी हो सके |
 यदि कोई एसिड या कास्टिक सोडा पेट में गया हो तो  उलटी न कराये |
यदि तेज़ाब पीया हो तो मीठा सोडा का घोल  पिलायें |
यदि आपको कुछ भी न पाता हो तो तो केवल   दूध  तथा अंडे का सफ़ेद भाग एल्बूमिन पिलाए  और डॉग को  तुरंत डॉक्टर के पास ले जाए |


फोरेन बॉडी FOREIGN BODIES

 कभी कभी खेल खेल में या खाने के साथ डॉग के मुंह में या गले में छोटी बोल  लकड़ी का टुकडा  या बॉन का टुकडा फिश का काँटा आदि फंस जाता है  जिससे डॉग के मुंह से लार गिरती रहती है डॉग बार बार उलटी करने की कोशिश करता है |उबकाई लेना मुंह नीचे करके फंसी चीज को बाहर निकालने की कोशिश करता रहता है |
एसी  स्थिति में साबधानी से डॉग का मुंह खोलें अपने हाथ या फोरसेप से फंसी चीज को बाहर निकाले || यदि कोई बौल मुंह से आगे गले में फंस जाती है तो डॉग को सांस लेने में बहुत कठनाई होती है और दम घुटने लगता है |डॉग के पिछले पैर पकड़कर साबधानी से उलटा करे  तथा कोई दुसरा व्यक्ति डॉग का मुंह खोले |
तथा तीसरा  व्यक्ति डॉग के सीने को बार बार दबाये | इससे भी फासी हुयी चीज बाहर आ सकती है |
यदि ये कोशिश सफल न हो तो बिना देर करे डॉग को डॉक्टर के पास ले जाए |




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